शायरी

मेरी जवानी, मेरी पहचान !मेरा अपना नही है,
जिसने इस काबिल मुझे बनाई वो दुनिया मे नही है।

Comments

One response to “शायरी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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