शायरी

जब-जब तु पास आती क्यो शरमाती हो,
मैने तो तुम्हारी बड़ी–बड़ी आँखो से प्यार किया
क्यो शरम के मारे हाथ से आँख ढ़क लेती हो

Comments

4 responses to “शायरी”

    1. ज्योति कुमार Avatar

      सदा आपका अभार रहूँगा

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close