वैसे नींंद नहीं आती ,
आजकल मुझे।
जबसे देखा हैं , हमदम तुझे
किस्मत में हैं, या नहीं तू
पर कोशिशें करता हूँ ,
अब सो जाने की
काश इक पल सपनों में ही ,
मिल जाए तू मुझे ..!
वैसे नींंद नहीं आती ,
आजकल मुझे।
जबसे देखा हैं , हमदम तुझे
किस्मत में हैं, या नहीं तू
पर कोशिशें करता हूँ ,
अब सो जाने की
काश इक पल सपनों में ही ,
मिल जाए तू मुझे ..!