किसी पत्थर की मूरत में,
लगी सूरत खुदा की सी
उसे पूजा उसे माना,
उसे अपना खुदा जाना
बड़ी भूल हुई अरे हमसे,
आंखों से आंसू निकल पड़े,
व्यर्थ गई सब साधना
निरा पत्थर का बुत निकला,
जिसे हमने खुदा जाना
किसी पत्थर की मूरत में,
लगी सूरत खुदा की सी
उसे पूजा उसे माना,
उसे अपना खुदा जाना
बड़ी भूल हुई अरे हमसे,
आंखों से आंसू निकल पड़े,
व्यर्थ गई सब साधना
निरा पत्थर का बुत निकला,
जिसे हमने खुदा जाना