किसी पत्थर की मूरत में,
लगी सूरत खुदा की सी
उसे पूजा उसे माना,
उसे अपना खुदा जाना
बड़ी भूल हुई अरे हमसे,
आंखों से आंसू निकल पड़े,
व्यर्थ गई सब साधना
निरा पत्थर का बुत निकला,
जिसे हमने खुदा जाना
,साधना
Comments
16 responses to “,साधना”
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Nice
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Thanks
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सुन्दर
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, धन्यवाद
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सुन्दर
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धन्यवाद
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वाह
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धन्यवाद🙏
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👌
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Thank you
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👌👌
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धन्यवाद🙏
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वाह वाह
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शुक्रिया जी
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Very nice
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका कमला जी 🙏
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