हर शाम इतनी मीठी ना होती,
अगर तुम ना होते ,
खुश तो होते हम,
पर खुशनसीब ना होते,
गुजारिश है बस इतनी तुमसे,
इस मुस्कान को खोने मत देना,
खुशनुमा किया है हृदय को,
तो कभी इसे रोने मत देना।
हर शाम इतनी मीठी ना होती,
अगर तुम ना होते ,
खुश तो होते हम,
पर खुशनसीब ना होते,
गुजारिश है बस इतनी तुमसे,
इस मुस्कान को खोने मत देना,
खुशनुमा किया है हृदय को,
तो कभी इसे रोने मत देना।