हवा में घुल रहा आज जहर है

हवा में घुल रहा आज जहर है
सांसो को आज तरस रहा आज शहर है

बंद कमरे में कब तक कैद रहोगे
खुले आम घूम रहा आज कहर है

Comments

5 responses to “हवा में घुल रहा आज जहर है”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    Nice

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