हुअा वहुत अत्याचार

हुआ बहुत अत्याचार —–
अब हर घर से भगत सिह , सुखदेव निकलना चाहिए।
रोज जो चेहरे बदलते है,लिबाजो कि तरह अब उसको फाँसी पर चढ़ाना चाहिए।।
भगत, सुखदेव तुझ पर बहुत हुए अत्याचार,
अब उस गद्देदार को खुले आसमान मे सिर–धर से अलग कर देना चाहिए,
मेरे मालिक,मेरे देश पर बहुत हो रहे अत्याचार।
अब हर घर से भगत,सुखदेव निकलाना चाहिए।।

ज्योति
मो न०9123155481

Comments

5 responses to “हुअा वहुत अत्याचार”

    1. ज्योति कुमार Avatar

      सर आपका comment हमारी ताकत बन जाती है।

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