हे भारत की वसुधा तुझको

मित्रो , ईश्वर के आशीर्वाद से , आज मेरी रचना , एक बार फिर राष्ट्रीय अखबार “दैनिक वर्तमान ” मे प्रकशित हुई है
जिससे मेरे साहित्यिक क्षेत्र को बल , संबल प्राप्त हुआ है।

आपके आशीर्वाद का आकांक्षी आपका:- अखिलेन्द्र तिवारी (कवि)
श्री रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइन गोण्डा
(तुलसी जन्मभूमि राजापुर गोण्डा )
उत्तर प्रदेश

Comments

4 responses to “हे भारत की वसुधा तुझको”

  1. Vinita Shrivastava Avatar

    Bhut sundar sahitya ka sahi arth ap smjhate hain

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