गैरों के हम तो

गैरों के हम तो गुनाहगार हो गए ,
जब उनके नाम का कोई सितम न मिला
राजेश’अरमान’

Comments

2 responses to “गैरों के हम तो”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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