मेरी ताक़त है
मेरा समर्पण
असीम अनंत ताक़त
पावन प्रणय की
तुम्हारे प्रति मेरी अभिव्यक्ति है
मेरा समर्पण
राधा और श्याम की तरह
अहिल्या के राम की तरह
मेरा विश्वास है
मीरा का श्वास है
शबरी के बेर की मिठास है
आलौकिक प्रणय की प्यास है
निर्मल सौम्य दर्पण
प्रिय मेरा समर्पण
मेरा समर्पण
Comments
5 responses to “मेरा समर्पण”
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Superb
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Behtareen
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waah
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Bahot badiya…
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Very Nice
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