मुक्तक

क्यों है तेरी बेरुखी क्यों तुम बदल गये हो?

बेबसी के कदमों से मुझको कुचल गये हो!

सूरतें उम्मीदों की अब आती नहीं नजर,

मजबूरी के साँचे में क्यों तुम ढल गये हो?

 

रचनाकार- मिथिलेश राय #महादेव’

Comments

4 responses to “मुक्तक”

  1. Anirudh sethi Avatar
    Anirudh sethi

    उम्दा

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत सुंदर

  3. राम नरेशपुरवाला

    Wah

  4. Pragya Shukla

    बहुत खूब

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