मुक्तक

करीब आओ तुम नूरानी सी रातें हैं!
बाद मुद्दत़ के मस्तानी सी रातें हैं!
छुप गये हो किसलिए उम्र की तस्वीरों में?
शबनमी ख्याल की दीवानी सी रातें हैं!

मुक्तककार #महादेव’

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Kanchan Dwivedi

    Nice

  2. Pragya Shukla

    Sundar panktiyan

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