जमीर

इस नफरत भरी सियासत में,
कुछ बिक गये,कुछ डर गये !
पर फक्र करतें हैं आज उनपर,
जो फिर जमीर के साथ घर गये!!

Comments

One response to “जमीर”

  1. Abhishek kumar

    Awesome

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