मैंने आज किसी को नफरत और सियासत की धज्जियाँ उड़ाते देखा है,
जब मस्जिद से निकलकर एक बच्चे को मंदिर में दीप जलाते देखा है !!
Categories: हिन्दी-उर्दू कविता
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