आज असफलता मेरी ज़िन्दगी को मिली हैं।
बाते कुछ कम बयाँ करती आँखे मेरी।
फिर भी यह थोडी़ सी गीलि हैं।
क्योंकि आज असफलता मेरी ज़िन्दगी को मिली हैं।।
कुछ कमियाँ, कुछ खामियाँ मुझ में रहि होगी।
तभी तो यह असफलता मुझे ईनाम में मिली होगी।
हाँ, आज मुझे असफलता मिली हैं।
कल हो ना हो मुझे भी सफलता मिलेगी।
चेहरा खुशी से उस दिन जरूर खिल उठेगी।
जिस दिन सफलता मेरी ज़िन्दगी को मिलेगी।।
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