मुक्तक

मेरी जिंदगी गमों से डर पाएगी क्या?
दिल में ख्वाहिश गैऱ की कर पाएगी क्या?
सब्र अभी जिन्दा है जख्मों को सहने का,
वस्ल से पहले तमन्ना मर पाएगी क्या?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

5 responses to “मुक्तक”

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया आपका मित्र

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close