मुक्तक

एक तू ही नहीं है जो वक्त से हारा है!
हर शख्स दुनिया में हालात का मारा है!
हर-पल बदल रही है तस्वीर-ए-जिंदगी,
टूटते दिलों का हैरान सा नजारा है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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