मुक्तक

टूट गया हूँ मैं गमे-अंजाम देखकर!
टूट गया हूँ मैं गमे-नाकाम देखकर!
रो रही है चाहत राहे-तन्हाई में,
तेरी बेवफाई का पैगाम देखकर!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

5 responses to “मुक्तक”

  1. bhoomipatelvineeta Avatar
    bhoomipatelvineeta

    nice one sir

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया आपका

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया आपका

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