माखन चु रई या

माखन चुरैया
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मीठी मुस्कान तेरी अजब तेरी लीला।
बांके बिहारी तू है छैल छबीला। तीखे नयन तेरे करे हैं इशारे, बांसुरी बुलाए मुझे सांवरे के द्वारे। आजा कन्हाई यशोदा दुलारा, तुझको पुकारे सखा, बृजबाला। भोली सी सूरत माखन चुरैया मुरली बजा के उड़ाई सबकी निंदिया।
लड्डू सा. .. लड्डू सा लगे वह लड्डू गोपाल ।
आजा कन्हैया हम सबका दुलारा। तुझको पुकारे अधीर बृजबाला,
आजा कन्हैया हम सबका दुलारा। दुष्टों का नाशक पाप विनाशक, मेरा कन्हैया मुरली बजैया,
मथुरा का राजा
कान्हा बन नाचा,
गोपियों के मन तो श्याम विराजा। नटखट ..नटखट शैतानी मिटाएं जो निराशा ,
तुझको पुकारे तेरे भक्तों का तांता,आजा कन्हैया हम सबका दुलारा,तुझको पुकारे तेरे भक्तों का तांता।
निमिषा सिंघल

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