हसीन मुलाकात
वो ज़िन्दगी का सबसे हसीन मोड़ था
जब तुझसे रूबरू हुए_
धड़कने काबू में नहीं थी
नज़रें तुमसे मिलने को बेक़रार थी
इख़्लास बेइंतहा इस दिल को तुमसे कुछ इस मानिंद हुए_
एक – एक लफ़्ज़ तेरा ज़िन्दगी बन गया
कुछ इस जुनून-ए-हद तक हम तेरे दिवाने हुए_
-PRAGYA-
लाजबाव रचना
Ji thank you so much 💐💐🙏💐💐😊😊
वाह
Ji Shukriya 💐💐🙏💐💐😊😊
😀😀
🌹🌹🙏🌹🌹😊😊
Good one
Ji thank you so much dear🌹🌹🙏🌹🌹😊😊