इश्क एक बुखार

इश्क का बुखार बड़ा ही लज्जतदार।
आत्मा पर हो जाता एक जुनून सा सवार।
कर देता अच्छे खासे इंसान को बेकार।
हंसता खेलता इंसान लगने लगता बीमार
मीठा जहर यह बड़ा ही असरदार।
पीना हर कोई चाहे,
चाहे जमाने की पड़े मार।

Comments

8 responses to “इश्क एक बुखार”

    1. NIMISHA SINGHAL Avatar
      NIMISHA SINGHAL

      Thank you

    1. NIMISHA SINGHAL Avatar
      NIMISHA SINGHAL

      Aabhar

  1. NIMISHA SINGHAL Avatar
    NIMISHA SINGHAL

    Aabhar

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