इबादत

पता नहीं इबादत
के किस मोड़ पर हूं
तेरी जरूरत भी नहीं
तेरी कमी भी है
होठों पर हंसी और
आंखों में नमी भी है
तेरे जाने का मलाल भी नहीं
तेरे आने का इंतजार भी है

Comments

4 responses to “इबादत”

  1. Kanchan Dwivedi

    👌👌👌👌👌

  2. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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