Pragya Shukla, Author at Saavan's Posts

तलब

तबल ऐसी कि साँसो में बसा लें उन्हें किस्मत ऐसी की दीदार को मोहताज हैं हम। »

तुम्हें चाहा था

तुम्हें चाहा था आवाज सुनकर मुस्कुराती थी तेरे ख्वाब बुनकर अब जान गयी दर्द क्या होता है अक्सर हँस देती थी इश्क की बात सुनकर। »

यूँ ना मिला कर

यूँ ना मिला कर रकीबों की तरह साथ चल फलसफ़े की तरह…… हिचिकियाँ रात भर आईं…. और सोने ना दिया तूने याद किया हो जैसे दिलबरोँ की तरह…. »

मेरी प्रेरणा तुम हो

मेरे लफ्जों में तभी तक दम है जब तक तुम हो, तब तक हम हैं। मेरी प्रेरणा तुम हो,मेरी कविता तुम हो जब तक दिल है तब तक तुम हो। »

नया साल

गुजरे कल की बातें लेकर तुम भी क्या बैठे रहते हो नया साल आने वाला है तुम आज भी कल में जीते हो। »

एहसास

एहसास की दहलीजों पर कुछ शब्दों के घेरे हैं इस प्यार की राह में अक्सर कुछ दर्द तेरे-मेरे हैं तुम दूर कहीं ना जाओ पल-पल ये दिल कहता है वीरान है तुझ बिन दुनिया एहसास ये हम करते हैं तुम आओगे बाहों में इस आस में हम बैठे हैं गुजरोगे जिन गलियों से हम फूल बिछा बैठे हैं है आज ये तुमसे कहना तुम बस मेरे ही रहना चाहें कुछ भी हो जाये फरियाद ये हम करते है तुम दूर हो मुझसे फिर भी एहसास यही होता है वीरान है तुझ ब... »

बज़्म

जीने को यूँ जीती हूँ जैसे कोई गुनाह किये जा रही हूँ मैं। गीत भी गा रही हूँ, ईद भी मना रही हूँ। ज़िन्दगी की बज़्म फ़िर सजा रही हूँ मैं। »

शब्द-सुनहरे

एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई थीं मिलने के अक्सर वादे होते रहते थे। कोई यूं ही कवि नहीं बनता है यह सच है हम भी तो पहले कितना हंसते रहते थे। »

मिल ही जायेगी मंज़िल!!

ए दिल! गम ना कर मिल ही जायेगी मज़िल। यूं मायूस हो जाना अच्छी बात नहीं । कितने कदम रोज़ चलती हूँ तेरी और, तुम उतना ही दूर नज़र आती हो ये तो अच्छी बात नहीं हौंसला बुलंद है अपना पाही लूंगी तुम्हें तुम रोज़ रुलाती हो अच्छी बात नहीं । तुम्हे पाना ही मेरा फ़ितूर है मेरा जब तक तुम नहीं मिल जाती हो जीने को जीते हैं हंसने को हँसते हैं । »

जीवन की बगिया

फूलों से भी ज्यादा कोमल है ह्रदय शब्दों के बाण से मत छेदो प्रेम की रसधार से जीवन की बगिया सींचो »

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