जीत हार चलते रहते,
लोग चेहरे बदलते रहते।
मुखोटे लगाकर मिलते एक दूसरे से,
बगल में छुरियां दबाए रखते।
निमिषा सिंघल
मुखोटे
Comments
7 responses to “मुखोटे”
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Good
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💞💞
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Truth of the day
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Thanks dear
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Nice
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🙏🙏
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वाह
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