आजकल का यह जमाना है,
सबको बेवकूफ बनाना है।
समझदारी की कोई कदर नहीं,
बस शानो-शौकत दिखाना है।
नियमों को कोई यहां तोड़े,
नियमों को कोई वहां तोड़े,
बस एक दूसरे पे इल्जाम लगाना है।
बेवकूफी कर जो ना मास्क लगाए,
कोरोना को अपने घर बुलाए।
मैं हूं एक शिक्षिका,
यह संदेश सब तक पहुंचाना है l
मेरे संग है मेरे विद्यार्थी,
इस महामारी से लड़ कर दिखाना है,
अब न किसी को सताना है,
बेवकूफी छोड़ कोरोना को हराना है।
कोरोना को हराना है
Comments
5 responses to “कोरोना को हराना है”
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right
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Nice
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अतिसुन्दर
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मास्क को अपनी
पोशाक का अग बनाना होगा -
अच्छी रचना
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