शकुन

हम वो शख्स नहीं जो, गड़े मुर्दे को भी कब्र में सोने न दे।
मुद्दत बाद नींद आयी है कम से कम कुछ पल सोने तो दे।।

Comments

4 responses to “शकुन”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर प्रस्तुति

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