कभी कभी अक्सर रातों में बीते कल की दृश्य नजरों के सामने एक फिल्म के रील की भाँति न जाने क्यों चलती है हंसता हुआ वो चेहरा रूठने की वो अदा फिर अचानक दिल छू […]
कभी कभी अक्सर रातों में बीते कल की दृश्य नजरों के सामने एक फिल्म के रील की भाँति न जाने क्यों चलती है हंसता हुआ वो चेहरा रूठने की वो अदा फिर अचानक दिल छू […]
पत्थर से फूल पे ,यों न वार कीजिये जरा सोच समझ के एतवार कीजिये हमारे इशारे पे ही घटा रंग बदलते है कोई कोई तो कुर्बान भी हो जाते है टक्कर देना तुम्हें आया ही […]
हम कहते रहे वक्त हमारा है जब ठोकर लगी तब ख्याल आया ज़माना सही कहता है वक्त न हमारा है न तुम्हारा है उसे तो बस चलते ही जाना है हम इन्सान क्यों नही वक्त […]
भूखा गरीब का बच्चा अपने गरीब पिता से कहा पापा बहुत भूख लगी है कहीं से रोटी ला दो हमारी पेट की आग बुझा दो पिता ने कहा -बेटा, चारो तरफ करोना के क़हर है […]
सुनसान महल में कोई है जो भटक रही है। “तूम से है पुराना रिश्ता” हर बार यही कह रही है।। कभी करीब से कभी महल के झरोखों से। क्यों हर रात मुझे जख्म दे रही […]
फिर एक राही मंजिल से भटक गया। सभी उम्मीदें पल में ही टूट गया।। थी जुस्तजू उसे अपना भी कारवाँ होगा। मुकद्दर के पन्नों पे अपना भी नाम होगा।। वक्त ने ऐसा पैंतरा बदला ए”अमित”। […]
ऐ ढलती शाम, ऐ लालिमा बड़ा ताज्जुब है मिजाज के ऐसा तू कभी रंगीन न था बला तो सही उनके दीदार के बाद तू इतना रंग बिरंगी कैसे हो गया। सूरज तो बेचारा इमान से […]
ऐ दोस्त दुनिया में प्रेम करने वालों की तकदीर बदलती रहती है। आईना तो वही रह जाता है मगर तदबीर बदलती रहती है।।
आशियाना ढूँढ रही हूँ इस प्रकृति के संसार में । कहीं तो होगा मेरा आशियाना इस हरे भरे संसार में ।। बरसात से दोस्ती कर ली धूप से जोड़ा नया रिश्ता । जब ठंड में […]
कब से उठाए बैठी हूँ अपनी घूंघट उनके दीदार के लिए । एक वो है ख्वाबों में आशियाना तलाशते है मेरे लिए।।
उधर किसी की हसरतें पुरी हुई इधर किसी का दिल जला क्या कहे दोस्त सब की अपनी अपनी तक़दीर है अचानक एक दिन उनका ख़त आया उस में एक ही पंक्ति लिखा था ए क़ाबिल […]
शायद मेरे ज़नाज़े के पीछे अश्क बहाती हुई कोई आ रही है। एक झलक देखें तो किस लिबास में मेरी ज़नाज़े के संग आ रही है।।
चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा है लगता है वहाँ किसी का बसेरा है फिर वही पुरानी दस्तक आखिर वहाँ कौन खड़ा है यह राज कहीं राज न रह जाए ए शख्स आखिर तू कौन है
जी चाहता है चाँद के संग संग मैं भी चलूं। मगर सितारे कहते है क्या मैं उदास हो जाउँ।। सदियों से मैं संग संग रहा , वो दीया मैं बाती रहा । जब वो चमकता […]
ए ढलती गोधूलि के बेला मन को मोह लेती है हमारी ख्यालों में नयी उर्जा भर देती है हम इसी उर्जे के सहारे आने वाले कल के हम बेसब्र से इन्तजार करते हैं ए क़ाबिल […]
फेंक कर गुलाब 🌹 मेरे मुंह पे, मेरी मुहब्बत को गुमान की कसौटी पे तौला न करो । माना कि तेरी महफिल में, मेरी क्या हैसियत है । तुम्हें तोहफ़ा देने के लिए एक गुलाब […]
आज की रात मेरी इम्तहान की घडी है। देखना है उस चाँदनी के पीछे कौन खड़ी है।। पहले तो चाँदनी रात में इतनी रौनक न थी। जरूर इस चाँदनी की आर में कोई न कोई […]
सोचती हूँ कल तुम क्या थे आज क्या हो गए हो पहले तो कहा करते थे चौदहवीं के चाँद हो तुम मेरी धड़कन की साज हो तुम कहाँ गयी तुम्हारी अदा की वो बातें वो […]
एक सुबह चाय ने मुझ से कहा फुर्सत हो तो क्यों नहीं बैठ जाते। तुम्हारे मन मस्तिष्क को हम अंदरुनी ताजगी से भर देते।।
हम उन पर शेर लिखते गए हमज़ेली भी दीवानी होती गई। ख्वाबों के सिलसिला ऐसी चली ज़िन्दगी की नई मंजिल मिल गई।।
रौशनी से नहा रहा है आज नूर महल, मुद्दत बाद निकला है चाँद मेरे शहर मे । ए फीज़ा तुझे है काली घटा की कसम, नज़र न लगाना तू मेरे नूर महल में।।
हम भी एक महल बनाए है उलफत के सरज़मीं पे महफूज रहे मेरा महल इसीलिए वफा की चादर ओढा़या है हमने महल पे । देखें ज़ुल्म में कितनी ताक़त है जो महल को हीला दे […]
बरसेगी धरती पे कब सावन के फुहार। बता ए घटा कब आएगी बसंत बहार।। मोर पपीहा भी मिलन के गीत गुनगुनाने लगे। मन के बगिया मे सैंकड़ों फूल खिलने लगे।।
आपकी चाहत के तलबगार है हम। आओ एक हो जाए हम।। ढलती गोधूलि , उस पे हवा के झोंके। उफ,,, रुत भी कहने लगी एक जान है हम।।
हम तुम पले बढ़े अपने ही देश की छाँव में। फिर क्यों दरार पड़ी आज अपने ही विचार में।। अपनी इनसानियत को तो चंद सिक्के में बेच दिए। ममता को गिरवी रख कर हैवानियत के […]
अश्कों के समंदर में ए खुदा मुझे सिर्फ दो गज ज़मीन दे दे। गर करने लगे वह अपनो से बेवफ़ाई तब,ज़माना मुझे उसी में दफ़ना दे।।
काली मुलायम उड़ती जुल्फें तेरी, इश्कबाज़ों पे कयामत ढाती है। जब चले तू खुली वादियो में, घटा की नियत भी बदलती है।।
दिल के कब्र में एक मर्तबा झाँक कर तो देख, मैं उम्मीद की चिराग जलाए बैठा हूँ। एक न एक दिन मुरादें होंगे पूरे मेरे, वर्षों से यही उम्मीद लगाए बैठा हूँ।। तेरी यादों के […]
दिन रात शराब पी कर तंग आ गया हूँ मैं। बेवफा की नशा उतरता ही नहीं क्या हो गया हूँ मैं।। कभी इश्क़ से कोसो दूर रहा करता था मैं।आज इश्क़ के गुलाम बन कर […]
पूछी सास नयी नवेली दुल्हन से। बोल बहू क्या मांगी है भगवान से बहू शरमाती हुई सास से कही बेटा मांगी हूँ भगवान से सास मुंह चमकाती हुई कही क्यों नहीं मांगी बेटा भगवान से […]
मधुशाला में ताला न लगाइए अभी नशा चढ़ा ही नहीं। कुछ यादें और ताजा होने दीजिए अभी तक पैमाने को लब से लगाया ही नहीं।।
यादों की मरहम भी क्या मरहम है। बेरहम भी मरहम पर जीने लगे है।। काश.. यह मरहम मर्ज़ नहीं होते। हम और आप आज कैसे जी पाते।।
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गंवाई।। बल में कहलाए बलधामा। काल पुत्र दुःख सुतनामा ।। कृपा हो जाए जिस पर तुम्हारी। बन […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गँवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गँवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हे करोना दुःख के गागर। जय महाकाल मृत्यु के सागर।। जय करोना देव गोंसाई। जो भजा वह जान गंवाई।। काल करोना हर्ष उड़ आए। दिव्य शक्ति से मार गिराए।। बल में कहलाए वह बलधामा। काल […]
हमें तो करोना ने लुटा, तक़दीर तो बहुत बलवान था। एक दीप गलती से जली वहाँ, जहाँ आंधी तूफान था।।
बदलते रिश्ते में हमने अपनो से नफरत देखी है। खुदा की कसम ए दोस्त बहुत ही नाइंसाफ़ी है।।
मै इंसानियत को खोजने चला हूँ, हैवानों के बाजार में। कहाँ छुपा है इंसानियत, जरा देखें तो उसे क्या हाल है।।
एक तरफ करोना तो दूसरे तरफ पापी पेट। अब तो रिश्ते भी चढ़ गए है करोना की भेंट।।
मै उनके गली में दो गज़ ज़मीन मांगी एक आशियाना बनाने को उसने इतनी बड़ी शर्त रखी कि , मैं दंग रह गया सोचने लगा मेरी इतनी औकात कहाँ जो उनकी ख्वाईश को हम पुरा […]
बनवारी नया नया थानेदार बना था। गाँव में हमेशा छाती तान कर चला करता था। गाँव के लोग उन्हें काफी मान सम्मान दिया करते थे। बनवारी के चौबीस की छाती छत्तीस की तब होती थी […]
मुझे ठुकरा कर काश तुम अपना जीवन संवार लेते। तेरी बेवफ़ाई को ही हम अनमोल तोहफ़ा समझ लेते।। मुझे यह दु:ख नहीं कि तुम मेरे हमसफ़र नहीं बन पाए। दु:ख तो इस बात की है […]
पहली प्यार की पहली निशानी । संभाल कर रखना ऐ मेरी रानी।। यदि कल हम मिले या न मिले। फिर भी गुलशन में गुल खिले।। मिलन पे मौसम भी बेमिसाल है। क्योंकि मुझे तुम से […]
अचानक दस साल के एक फुटपाथी बच्चे के कानों में किसी औरत की चीख सुनाई पड़ी। वह अपनी झोंपड़ी के बाहर आया तो देखा एक औरत खून से लथपथ बीच सड़क पर तड़प रही थी। […]
मूसलाधार बारिश हो रही थी। रात का समय था। एक गरीब माँ अपने एक साल के बच्चे के संग एक पेड़ के नीचे बैठी हुई थी। हर बार पत्तों से टपकता पानी उस माँ को […]
मेंने आशियाना बनाना छोड़ दिया। जब से, आंधी के मौसम आ गया।।
एक बार अकबर बादशाह को प्यास लगी। वह अपनी प्यास बुझाने के लिए एक फकीर के झोंपड़ी के निकट गया। जब उसने आवाज लगाई तो एक बारह साल की बच्ची बाहर निकल कर फिर वापस […]
अनीता नाम था उसका। देखने में सुंदर नहीं थी। फिर भी चंचलता व मीठे बोल से ही कब अमित उसका दीवाना बन गया उसे पता ही नहीं चला। उपर वाले ने गोरा रंग चुरा कर […]
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