निर्णय तुम्हारा

दूर रहकर जीवन यापन करने का
फैसला तुम्हारा था
मैंने तो बस साथ निभाया,
सम्मान किया, जो एकतरफा
निर्णय तुम्हारा था।
ये खामोशी
जो घर बना ली है
हम दोनों के दरमियां
इसकी बहाली भी तुम्हारी है
मुझे ये भी अजीज है
तोफा दिया तुम्हारा था।
तेरी छोटी सी भी ख्वाहिश को
सहेज के रखना,
ये खुबियाँ हमारी है
कही गयी कङवी बातों को
विस्मृत कर देना,
ये तेरी नज़ाकत है
रिश्तों के हुए हैं जो तार-तार
ये उत्तमता तुम्हारा है ।

Comments

2 responses to “निर्णय तुम्हारा”

    1. Suman Kumari

      सादर धन्यवाद सर

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