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  1. “ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। सड़कों में बैठे हुए बेघरों की
    जीवन की साँसें थमने लगी हैं।”
    सड़कों पर बैठे हुए बेघर लोगों की ठंड में हुई दुर्दशा का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती हुई कवि सतीश जी की बेहद मार्मिक रचना। हृदय स्पर्शी पंक्तियां

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