2 Comments

  1. बहुत सुंदर प्रेमाभिव्यक्ति करती हुई कवि सतीश जी की अत्यंत सरस पंक्तियां, …….. “बिन बात मुँह फुलाकर चुपचाप क्यों हो बैठे,
    क्या कह दिया है हमने जो इस तरह हो ऐंठे। “अपने साथी को मनाती हुई बहुत सुन्दर कविता । सुन्दर भावाभिव्यक्ति

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