काली रात बीत गई, नई सुबह आई है |
शुभ हुआ अशुभ पर भारी मंगल बेला आई है |
पौष माह की सर्द रातों का चंद्रमा, अब माघ माह में आया है |
सूर्य ने भी करवट बदली मकर संक्रांति की बेला पर, उत्तर दिशा की ओर निकला आज अपना तेज लेकर है |
मकर संक्रांति
Comments
2 responses to “मकर संक्रांति”
-
अतिसुंदर रचना
मकर संक्रांति की बधाईयाँ-
मकर संक्रान्ति पर्व पर बहुत सुंदर कविता, संक्रांति पर्व की बधाई
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.