Deepak Singh's Posts

मदिरा और बारिश

ऐ मदिरा, मैं नशे में तेरे चूर रहता हूं होश आ भी जाए तो खुद को भूल जाता हूँ | आदत सी हो गई है तेरी इस कदर, न पाऊं तुझे पास तो बैचेन हो उठता हूँ | नासमझ हैं वो लोग जो तुझे पीने वाले को शराबी कहकर बदनाम करते हैं | तू तो वो अमृत है जिसे हलक से नीचे उतार कर इंसान बड़े से बड़ा गम भी भुला दे | ऐ मदिरा, आज फिर से मौसम ने करवट ली है, एक बार फिर तेरी सौतन (बारिश) बाहर जमकर बरस रही है | और मेरी हालत तो देख, ... »

मदिरा

नासमझ हैं वो लोग जो तुझे शराब और पीने वाले को शराबी कहकर बदनाम करते हैं | तू तो वो अमृत है जिसे हलक से नीचे उतार कर इंसान बड़े से बड़ा गम भी भुला दे | ऐ मदिरा ! आज फिर से मौसम ने करवट ली है, एक बार फिर तेरी सौतन बाहर जमकर बरस रही है | और मेरी हालत तो देख, गोपीयों से घिरे कृष्ण की तरह हुई है ठीक से उसे देख भी नहीं सकता | उसे निहारता हूं तो तू गले को चुभने लगती है और तुझे हलक में उतारु तो वो जमकर बर... »

कोरोना

हाय रे कोरोना तूने क्या – क्या गजब ढाया है, नया साल आने को है और तू अब तक सता रहा है | क्या कुछ जतन न किया हमने तुझे मनाने को, घर में ही कैद हो गए खुद की जान बचाने को | विश्व की अर्थव्यवस्था तक गिर चुकी है तुझे भगाने में, पर तूने हम मानव की सभ्यता पर किया बड़ा घाव है | घर से स्कूल वो लंच बॉक्स का ले जाना, वो मां के हाथों से बालों का सँवरना | सड़क पर स्कूल की गाड़ी का आना और स्कूल पहुंच कर वो... »

करोनो

हाय रे कोरोना तूने क्या – क्या गजब ढाया है, नया साल आने को है और तू अब तक सता रहा है | क्या कुछ जतन न किया हमने तुझे मनाने को, घर में ही कैद हो गए खुद की जान बचाने को | विश्व की अर्थव्यवस्था तक गिर चुकी है तुझे भगाने में, पर तूने हम मानव की सभ्यता पर किया बड़ा घाव है | घर से स्कूल वो लंच बॉक्स का ले जाना, वो मां के हाथों से बालों का सँवरना | सड़क पर स्कूल की गाड़ी का आना और स्कूल पहुंच कर वो... »

कब तक उसे याद करूं

कल तक जो कहती थी, मैं नहीं साझा कर सकती अपने दिल का हाल, वो अब लबों से कुछ बोले जा रही है सच कहूं तो दिल के राज धीरे से खोले जा रही है | कल तक था जिसे शादी – ब्याह, फैशन से परहेज़, वो आज बाजार की रौनक बटोरे जा रही है सच कहूं तो दिल के राज धीरे से खोले जा रही है | कभी उसे भूल जाऊं ऐसा न हरगिज़ होगा, वो प्यार है मेरा और ताउम्र रहेगा ! उसे दिल में छुपाया है मैंने | आज वो रिश्तों में बंधने का सप... »

नादान लड़की

तू क्यों नहीं समझती मेरे दिल के जज्बातों को… क्या तेरे सीने में दिल नहीं…? पत्थर है शायद ! दिल होता, तो धड़कता जरूर | मैं वर्षों से एकटक लगाये तुझे देख रहा हूं, और तुझे तेरी खूबसूरती का अंदाजा तक नहीं | एक तू नादान, जो मुझे समझती नहीं । उस पर मेरी जवानी, जो थमती नहीं … नादान लड़की… तेरे सीने में शायद दिल नहीं | »

मेहनत और मेहनताना

मेहनत का कल मेहनताना, फल पाने को मन ताना बाना | मेहनत की सीढ़ी लगन, मंजिल मेहनताना, मन आतुर पाने को मेहनताना | देह करौंदे, मेहनत का कड़वा खाना, मेहनत का स्वाद कुटकी जैसा | अनपच होवे जो ऐसा – वैसा, फल है उसका मयखाना | मेहनत से ले मेहनताना, मेहनत का फल मेहनताना | »

वाणी

मानव का गहना है वाणी, वाणी का भोगी है प्राणी । मधुर वचन है मीठी खीर, कटु वचन है चुभता तीर । सद वचन है सदा अनमोल, मन कांटे से इसको तौल । हिय का रूप है वाणी, ये बहु चंचल बहता पानी । मानव का गहना है वाणी, वाणी का भोगी है प्राणी । डूबते का सहारा मधु वाणी, हँसते का घातक कटु वाणी । सदाचार की पोषक सद वाणी, दुराचार की पोषक दुर्वाणी । शत्रु नाशक है मधु वाणी, शत्रु पोषक है कटु वाणी । मानव का गहना है वाणी, व... »

विदाई

विदाई का ग़म किसी से छुपाया नहीं जाता, दिल की आह को दिखाया नहीं जाता | लाख करे कोशिश कोई ग़म छुपाने की, चेहरे को नहीं जरुरत इसे दिखाने की | विदाई एक अलगाव होती है, प्यार रिश्तों का विखराव होती है | कोई कहने को कुछ और कह दे मुस्कुराकर, पर दिल में एक टीस सी रोज होती है | न चाहते हुए भी चेहरे को हँसाने की कोशिश होती है, पर दिल खामोश सा, चेहरे पर हल्की मुस्कान होती है | »

सुंदरता

सुंदर दिखना सबको भाता, हे जीवन के भाग्य विधाता । तन की काया कुछ पल सुंदर , मन की माया हर पल सुंदर । तन सुंदर पर मन न हो कोमल, वह कुटिल मानव जैसा पुष्प सेमल, मन कोमल तन है काला, रहे हरदम मधु पान मसाला । सुंदर चित की बात निराली, तन कलुषित फिर भी साथी यह माली । सुंदर दिखना सबको भाता, हे जीवन के भाग्य विधाता । तन के सुंदर, पर मन के जाली, दुराचार और बने व्यभिचारी । तन के कलुषित मन के निराले, दया करुणा ... »

एक दूजे का प्रेम

प्रेम जिसका इंजन, गाड़ी जिसकी यारी | इजहार चालक है, खुशियाँ हैं सवारी | वह एक फरिश्ता है, खूबसूरत गुलदस्ता है | लगता बहुत नाजुक, पर सच्चे दिल से रिश्ता है | वह आस से जीता है, विश्वास से चलता है | नफरत जिसका दुश्मन, जो प्यार से पलता है | एक दूजे के दर्द को अपना समझ कर, खुद बीमार होता है | पर खुशगवार दिल में, इकरार होता है | वो एक शीशा सा नाजुक है, बस इसे सहेजना होता है | स्वार्थी राक्षस को बस भेदना... »

बचपन और बुढ़ापा

जीवन तरु की नई कोंपल है बचपन, कोंपल से बनी शाखा युवापन | शाखाओं से झुका वृक्ष बूढ़ापन, यही चक्र है बचपन, युवा और बूढ़ापन | खेल खिलौनों में गुजरा प्यारा बचपन, यादें जीवन की सँजोए हुये है बूढ़ापन | जीवन का यात्रावृतांत बूढ़ापन, सपनों का संसार है बचपन | बचपन सुबह और बुढ़ापा शाम सा है, एक उमंग की रसवेरी, और दूजा चूसा आम सा है | बचपन एक फूल की बगिया, बुढ़ापा एक नदी का दरिया | बसंत की मधुर बहार बचपन, पौ... »

वक्त

सबसे तेज होती है, वक्त की रफ्तार | वक्त में घुली है, सबकी जीत या हार | वक्त के दो पहलू, नफरत और प्यार | वक्त से ही जुड़े हैं, जीवन और मरण के तार | जिसे समझते हैं हम, खुदा का फरिश्ता | लेकिन वक्त बदलता है, अहिस्ता-अहिस्ता | कहावत है चली, वक्त ही बलवान | कोई दाने को मोहताज, तो कोई आलिशान | अच्छा और बुरा, वक्त के दो रूप होते हैं | वक्त राजा को रंक और रंक को राजा बना देता है | शौकीन दुनिया में किया वक... »

बेटियाँ

गृह-वाटिका सी होती हैं बेटियाँ, घर आँगन को सजा देती हैं बेटियाँ | जैसे बिना चाँद के आसमान सूना सा लगता है, वैसे बिना बिटिया के घर कोना सा लगता है | कौन कहता है ! बेटियाँ परायी होती है, अरे वह तो सबके दुःख में दवाई सी होती है | जब कभी दिल कुछ उदास सा होता है, आखिरी साँस में बिटिया ही पास होती है | बेटा-बेटी का कभी ना भेद करना, कोमल कली के दिल में कभी ना ये खेद करना | समाज के दर्पण में पराया धन हैं ... »

स्वप्नदोष

कल रात स्वप्न में वो मेरे आई, धीरे से रजाई उसने मेरी सरकाई | रखा तब सर उसने सीने में मेरे, बैठी जब आकर पास सिरहाने मेरे | मैं अब कुछ गुनगुनाने लगा था, उसकी खुली जुल्फों में बहकने लगा था | होश में आकर मैं उसे देख पाता, उत्तेजना से तभी स्खलित हो जाता | इस समस्या से अब तक ग्रसित हूँ, योग रामबाण है इस उम्मीद में जीवित हूं | स्वप्नदोष एक स्वाभाविक दैहिक क्रिया हैै, इस बात से लांछित न होना कभी | नींद एक... »

स्वप्नदोष

कल रात स्वप्न में वो मेरे आई, धीरे से रजाई उसने मेरी सरकाई | रखा तब सर उसने सीने में मेरे, बैठी जब आकर पास सिरहाने मेरे | मैं अब कुछ गुनगुनाने लगा था, उसकी खुली जुल्फों में बहकने लगा था | होश में आकर मैं उसे देख पाता, उत्तेजना से तभी स्खलित हो जाता | स्वप्नदोष एक स्वाभाविक दैहिक क्रिया हैै, इस बात से लांछित न होना | नींद एक प्राकृतिक क्रिया है यह बात याद रखना सभी | स्वप्नदोष मनोदैहिक क्रिया है इस ... »

जिंदगी

कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, उम्र ढल रही है ऐसे, मानो रेत हाथ से जैसे | कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, काश समय की इस रफ्तार को रोक पाता, समेट लेता पलों को आहिस्ता – आहिस्ता | होश संभाला था जब, तब कुछ भी तो न था | अब वास्ता है तुझसे तो वक्त की कमी सी लग रही है | कैसे बताऊ जिंदगी कितना प्यार है तुझसे, कुछ और खूबसूरत लम्हों को जीना बाकी है, कुछ और हसरतें अभी अधूरी हैं | मुद्दे... »

प्रेम की गाड़ी

एक से दूसरी, दूसरी से तीसरी पटरी पर पटरी बदलता हूं क्या कहूं मैं प्रेम की गाड़ी में रोज सफर करता हूं इन गाड़ियों के डिब्बों से, रोज दिल मेरा मचलता है कभी नीला, कभी सफेद, कभी सतरंगी जेहन में आता है प्लेटफार्म पर उतर कर, जब राह मैं अपनी बदलता हूं सामने से हार्न – गाड़ी का सुन, फिर विचलित हो जाता हूं कशमकश सी लगी है भीतर, दिल के किसी कोने में साथ दूं किस – किसका, जीवन के इस क्षणभंगुर में ... »

एक तरफा प्यार

यूं मेरे प्यार पर बेवजह शक न जताया कर, खामोश हूँ, बेवफ़ाई का इलज़ाम न लगाया कर | जमाने में हँसी हो मुझे ऐसे नज़रअंदाज़ न कर, चाहत हो तुम मेरी इस बात का इक्तिराफ कर | अब तक जमाने की रूसवाई से बचाया है तुझको, सरेआम तमाशा न हो, इस दिल में छुपाया है तुझको | जमाने में चाहने वालों का, सिलसिला बदस्तूर जारी है, आज भी उनकी आँखों में, वो प्यास तेरे लिए बाकी है | खुद को संभाल पाऊं, अब मुझमें वो साहस नहीं, शि... »

चालान

झूमे जा रहा था मस्ती में कि उनसे नजरें चार हुई ब्रेक गाड़ी पर उसने लगवाया, और इनायत दिल की हुई खुद को संभाल पाता कि शिकार नजरों का हो गया कहना कुछ और था कि सरेआम तमासा हो गया जाने क्या ये मुझसे अचानक हो गया… अरे .. रे ..रे .. ये तो चालान हो गया…. अब उससे फरियाद लगाने की मेरी बारी थी चालान की रकम कुछ कम कराने की तैयारी थी तकरार हो गई उससे कुछ भारी ऐसी वर्दी पर उतर आई जब मैडम एस.आई. हमार... »

आईना

चुपके से रोज मैं उससे सवाल करता हूं, स्टेटस पर तस्वीर देखकर, उसे प्यार करता हूं | गोल सी आंखों में सपने उसने जो सजाए हैं, लगता है मेेरी कल्पनाओं से बड़ा मेल खाए हैं | अभी तक तो बातें इशारों में किया करता हूं, उसके जेहन में क्या है ये विचार रखता हूं | पलभर न देखूं उसे तो जी ये मचलता है, आईना सामने से अब मुझसे सवाल करता है | कश्मकश में अब हर रोज मैं जीये जा रहा हूं, कैसे बयां करूं उससे मैं दर्द में ... »

Sugar free love

आजकल वो अपना whatsapp status update नहीं करती, जाने क्यों face पर अपने smile create नहीं करती | इंतजार में उसके phone अपना alert रखता हूं, hang होने के डर से बराबर इसे reset करता हूं | जाने कब status पर मेरे notifications flash हो जाए, phone की screen पर face उसका show हो जाए | वैसे तो status में 24 hours का duration है, miss न हो face उसका इसीलिए full night duty on है | उसकी ओर से अब तक not confi... »

उतार – चढा़व

दरिया के किनारों पर ख़्वाहिशे नहीं पनपती, डूबी हुई कस्ती को कभी शाहिल नहीं मिलती | उठना पड़ता है तल से सतह पर कुछ बयां करने को, यूं पानी के नीचे मंजिलें आसमानों को नहीं छूती | उतार – चढ़ाव आते हैं जीवन में, ये जीवन का हिस्सा हैं, गर पाना हो पार इनसे तो बेफिक्र राह पर चलना है | दुनियादारी के तानों से खुद को लज्जित न करना कभी, घी टेढ़ी उंगली से निकलता है ये बात याद रखना सभी | रेखा को बिना मिटा... »

सोना बाबू

सोना बाबू बड़े smart हो, लगते बड़े dashing हो | smile पर वो सोना के मरती थी, heart beat है उसकी यह सबसे कहती थी | Hello, hi, good morning, good night, miss you, love you रोज whatsapp पर होते थे | Phone की Bell जब बजती है, charming सोना तब होता है | Birthday party, new year’s party, picnic में रोज उसे मनाता है | सोना बाबू सिर्फ उसका है confidence उसे दिलाता है | सोना बाबू तुम cute हो, sexy हो... »