2 Comments

  1. “बस स्वयं के दर्द से औऱ का भी दर्द देखे
    यह मनुज का फर्ज है।”
    ____ कवि सतीश जी की परहित पर आधारित बहुत ही सुन्दर कविता ।बेहतरीन शिल्प और अति उत्तम भाव , लाजवाब अभिव्यक्ति

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