सच्चाई की बारी है

ख्वाबों में जो देखा
उसको सच करने की बारी है
धोखाधड़ी अब बहुत हुई
सच्चाई की बारी है
नेताओं के भाषण से
अब ना हमको विचलित होना है
सच्चा नेता कौन है हमको
बस उसको ही चुनना है
बड़ी पार्टी या हो छोटी
हम को क्या लेना देना
हम तो चुनेंगे नेता उसको
जिसको हो हमसे लेना देना
समझे बात हमारी और
समस्याओं का निदान करें
नेता ऐसा हो हमारा
जो हमसे थोड़ा प्यार करें।।

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