2 Comments

  1. मानव मानव में दूरी है, लोग रहे हैं घूर।
    कहे सतीश कैसे दिन आये, मानव है मजबूर।
    _________ समसामयिक यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती हुई कवि सतीश जी की सत्य रचना, उम्दा लेखन

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