इरादा

उम्मीद छोड़ कर तुम
थक हार कर न बैठो
जब तक न पा सको तुम
तब तक न हार बैठो।
पाने का यदि इरादा
सचमुच रखोगे मन में,
पा लोगे मन की मंजिल
तुम आजमा के देखो।

Comments

One response to “इरादा”

  1. उत्साहवर्धन करती हुई बहुत सुन्दर पंक्तियाँ, उच्च स्तरीय प्रेरक रचना

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