माना की।।

माना की हम तुझसे प्यार करते हैं
तुझे देखने का गुनाह रोज़ करते हैं
तेरी तरफ से कुछ नहीं हम ही पीछे पड़े हैं तेरे,
पर तुझे पसंद है तभी तो यार करते हैं।

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