सबका ध्यान भी रखती है,
अत्यंत दुलार भी करती है,
प्यार भी करती है,
न कभी बुरा सोचती है,
एक माँ।
मेरा सताने से भी उसके प्यार में कमी ना दिखी,
यह बात उसकी बहुत भाती है,
रात में लोरी सुनाकर सुलाती है,
उसकी गोद में सारी दुनिया की फ़िकर भूल जाती है,
ऐसा क्या जादू करती है,
एक माँ।
डाँट भी सुनाती है,
रुलाके चुप भी कराती है,
पर सफलता भी तभी मिल पाती है,
जब थोड़ा ऊँचा सुनाती है,
एक माँ।
इतना दर्द झेल जाती है,
बच्चे को अपनी कोख में पालती है,
फ़िर भी कुछ ना सुनाती है,
इतना धैर्य कैसे लाती है,
एक माँ ।
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