जिंदगी

जिंदगी कैसे – कैसे जली देखो,
कुंदन – सी 1 निखर चली देखो।

ख़िज़ाँ-दीदा2 काँटों से सँवर कर,
गुलशन हो गई मेरी गली देखो।

मीठी मोहब्बत की तासीर 3 में घुल,
निबोली बनी, मिस्री की डली देखो।

ज़माने की ज़िद-ओ-जुल्म सहकर,
गुंचा 4 हो गई, खिलती कली देखो।

रात भर अँधेरे से आँख मल कर,
सहर5 हो गई, कितनी हँसी देखो।

1. स्वर्ण-सी; 2. पतझड़ से गुज़रा हुआ; 3. गुण; 4. बंद कली; 5. सुबह।

 

यह ग़ज़ल मेरी पुस्तक ‘इंतज़ार’ से ली गई है। इस किताब की स्याही में दिल के और भी कई राज़, अनकहे ख़यालात दफ़्न हैं। अगर ये शब्द आपसे जुड़ पाए, तो पूरी किताब आपका इंतज़ार कर रही है। – पन्ना

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

{Играть на сайте КриптоБосс|Онлайн casino Cryptoboss Зеркало казино Криптобосс|CryptoBoss Casino: Бонусы и Вход в Крипто Босс Казино|Cryptoboss casino рейтинг и оценка казино Криптобосс|Cryptoboss casino Криптобосс казино онлайн, регистрация на официальном сайте|Казино Криптобосс Cryptoboss Casino онлайн вход на официальный сайт}

{Вводятся страна проживания и номер телефона, что помогает быстрее пройти верификацию при выводе выигрышей. Cryptoboss casino предлагает простой и понятный интерфейс, чтобы новый игрок не…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

Responses

New Report

Close