Panna, Author at Saavan's Posts

दर्द

दर्द

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रंगरेज

बन रंगरेज इस तरह रंग डाले, रंग ए रूह और भी निखर जाए। मिले गले इस तरह दोस्त बनकर, दुश्मनी हो अगर, टूटकर बिखर जाए।। »

मिलना ना हुआ

कितनी मन्नतें माँगी, तब तुझसे मिलना हुआ, मगर मिलकर भी, हमारा मिलना ना हुआ। »

Guftagu Band Na Ho

Guftagu Band Na Ho

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जानता हूं तुम नहीं हो पास

जानता हूं तुम नहीं हो पास

जानता हूं तुम नहीं हो पास, समझता भी हूं| मगर जो मैं महसूस करता हूं हर पल उसे झुठलाऊं कैसे? »

दास्तान

इक दास्तान है दबी दिल में कहीं कोई सुने तो हम सुनाये कभी| »

जिंदगी

गुजरती जाती है जिंदगी चुपके से लम्हो में छुपकर बहुत ढूढता हूं इसे, मगर कभी मिलती ही नहीं »

नज्म

इक नज्म है जो दबी हूई है दिल की दरारों में आज फिर बहुत कोशिश की मगर निकल ना पाई »

जिंदगी

जितना जिंदगी को पास बुलाओ जिंदगी उतना दूर हो जाती है मंजिलो पर नजर रखते रखते पैरों से राह गुम हो जाती है »

मुक्तक

देखा है दुनिया को अपनी दिशा बदलते अपने लोगो को अपनो से आंखे फ़ेरते कतरा कतरा जिंदगी का रेत फिसलता जाता है देखा है जिंदगी को मौत में बदलते »

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