इशक है – 1

तेरा साल दर साल ,

हर सुबेह मुझसे मिलने आना

इशक है 

तेरा कुछ ना बोल के भी , सब कह जाना

इशक है

Comments

2 responses to “इशक है – 1”

  1. Panna Avatar

    बहुत खूब!

  2. Ajay Nawal Avatar
    Ajay Nawal

    nice poem sir

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