तोल-मोल, लेन-देन आंसुओं की भी कीमत समझाएं रिश्ते भी कैसे-कैसे रूप दिखाएं। रिश्तो को निभाते-निभाते खुद को ढूंढ रही हूँ मैं हाँ! खुद से नाराज हूँ मै

छोड़ आए हैं वो नन्ना सा गांव साथियों सर्दी की धूप पीपल की छांव साथियों याद आता है मासूम सा वो बचपना मेरा जिसे छोड़ आया था हसके आज खुद ही रो पड़ा चार दीवारे […]

छोड़ आए हैं वो नन्ना सा गांव साथियों सर्दी की धूप पीपल की छांव साथियों याद आता है मासूम सा वो बचपना मेरा जिसे छोड़ आया था हसके आज खुद ही रो पड़ा चार दीवारे […]