शोर बहुत है बाहर.. कि अंदर चुप ; अब रहा नहीं जाता !
क्या कहूँ उन बहरों से
इस दिल की बात..
बिना धमाके के जिनको कुछ समझ नहीं आता !! :- प्रेमराज आचार्य
Author: सोमू आचार्य
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26 जनवरी पर ( गरम दल की शायरी )
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भरोसा…
हमें दुश्मन समझ कर
बङा पछताओगे आप !
करके भरोसा खुद्दारों पर… अरें ! करके भरोसा खुद्दारों पर..
खङे-खङे ही गिर जाओगे आप !! हमें दुश्मन समझ कर बङा पछताओगे आप ! ! :- सोमनाथ -
Love poetry shayari
कभी किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना !
कभी.. किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना !
मेरे यार… बदनाम हो जाओगे !
ये मोहब्बत की बिमारी
ये… मोहब्बत की बिमारी है ही कुछ एसी
कि तुम ला..ख छुपाओगे..
मगर सरेआम हो जाओगे !! :- सोमू सोमनाथ आचार्य -
love shayari
अच्छा हुआ जो तुम…
न आये मेरे जनाजे में ,
आज तो दफना ही दिया जाता हमें… जनाब !
अगर वक्त पर हिचकियाँ न आती !! :- सोमू आचार्य -

जब तक साँसे चली…
जब तक साँसें चली
गैरों ने गुंजाईश रखी
हमे जलाने की…
कि जब धङकन थमी तो
अपनों ने जला दिया !! :- सोमू आचार्य -
मैं..
अपनी शाम को शमा पर
लुटाने निकला परवाना हूँ मैं !
जीता हूँ जिसके लिए, मरता हूँ जिसके लिए…
उसकी हर हरकत का अफसाना हूँ मैं !! -

डर
अँधेरे में हवा का झोका भी बनकर साया सा नजर आता है ! जब दिल-ओ-दिमाग खो दे सुध… तब मेरे यार.. अच्छा खासा *चोराया भी प्रेतघाटी कि माया सा नजर आता है !! *(चोराया=चौराहा) मुठी भर भीङ से क्यों घबराते हैं , जनाब ! जो डर जाए… अरे ! जो डर जाये उसे तो कुत्ते भी डराते है , जनाब !!