Author: Pankaj

  • साधुओं की संगति से धन्य हो गये युवा

    साधुओं की संगति से

    धन्य हो गये युवा,

    जो सत्य को दिखाने का

    सार्थक प्रयास कर रहे थे ।

    रस मिला जब एक बूंद

    चखने को कृष्ण नाम का फिर ,

    पछताये वो माथा पकड़कर

    महबूब पर क्यों मर रहे थे ।

    पांव पकड़ें और रोने लगे

    दिल श्याम से लगने लगा,

    वो श्याम का होने लगे

    होने लगा एहसास जब इस बात का,

    जीवन में जीतने दर्द थे

    वो कृष्ण सब कुछ हर रहे थे,

    हम महबूब के चक्कर में अपना

    व्यर्थ जीवन कर रहे थे ।

  • मंगल पांडे चितू पांडे ! Pankaj Sahani

     

    जरा याद करो उस बलिया को

    जो बीर पुरूष की धरती है

    जीवन का हो उदय यहां

    रोशन कुर्बानी करती है

     

    मंगल पांडे चितू पांडे

    चन्द्रशेखर जैसे बीर जहाँ

    शहीद हुये इस भारत पे

    कश्मीर को अपना जान कहा

     

    हम भी है उस बलिया के

    जहा रग रग मे प्रेम पनपती है

    जरा याद करो उस बलिया को

    जो बीर पुरूष की धरती है

     

    सच्चे बीर सिपाही नेता

    देश पे अपने जान को देता

    आये बारी शहीद होने का

    इतिहास भी शिश झुकाती है

    याद करो उस बलिया को

    जो बीर पुरूष की धरती है

    Written By -Pankaj Sahani

     

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