जरा याद करो उस बलिया को
जो बीर पुरूष की धरती है
जीवन का हो उदय यहां
रोशन कुर्बानी करती है
मंगल पांडे चितू पांडे
चन्द्रशेखर जैसे बीर जहाँ
शहीद हुये इस भारत पे
कश्मीर को अपना जान कहा
हम भी है उस बलिया के
जहा रग रग मे प्रेम पनपती है
जरा याद करो उस बलिया को
जो बीर पुरूष की धरती है
सच्चे बीर सिपाही नेता
देश पे अपने जान को देता
आये बारी शहीद होने का
इतिहास भी शिश झुकाती है
याद करो उस बलिया को
जो बीर पुरूष की धरती है
Written By -Pankaj Sahani
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.