नजदीकियों का पता नहीं दूरियां ऐसे लिपटी है मुझसे रोना था फिर भी कैसे सबर होता उस वक्त से || बीत जाता है वक्त खर्च जाता है दर्द कैसे कीमत लगाउ में उधार है मेरा […]