तेरी तस्वीर रू ब रू कर ली जब भी जी चाहा गुफ्तगू कर ली हम ने दिल में बसा लिया तुम को अपनी हर सांस मुश्कबू कर ली प्यार के इक हसीन धागे से जिंदगी […]

हिसारे जात से बाहर निकल के देखते हैं चलो खुद का नज़रिया हम बदल के देखते हैं … सफर का शौक है हम को कहीं भी ले चलो तुम तुम्हारे साथ भी कुछ दूर चल […]

कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]

कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]

वक़्त के साँचे में ढलना सीख लो गुफ्तगू का शीरीं लहजा सीख लो छोड़ कर तुम आहनी अपनी रविश मोम की सूरत पिघलना सीख लो कायदा पढ़ना नहीं काफी मियां कायदे से बात करना सीख लो शोख लहरों सा मचलना छोड़ कर शांत सागर सा ठहरना सीख लो दोस्तों से प्यार तो करते सभी दुश्मनों से प्यार करना सीख लो