Author: Akhlesh

  • सुन्दर सुन्दर सपने अपने

    कविता

    सुन्दर सुन्दर सपने अपने,
    सुन्दर अपना हिन्दुस्तान है।
    जहां बहती नदिया झरने,
    करती दुनिया गुणगान है।

    सुन्दर सुन्दर – – – –

    कर्म धर्म की ये है भूमि,
    यहां जन्में सीता राम हैं
    दुनिया में एक अनोखा,
    अपना ये ही हिन्दुस्तान है।

    सुन्दर सुन्दर – – – –

    जात पात का भेद नही,
    मिलजुलकर हम सब रहते।
    राह चले हम सब जिनकी,
    राधाकृष्णन गुरु महान है।

    सुन्दर सुन्दर — – – – –

    रीत रही प्रीत जहां की
    कर देते सर्वस्य दान है।
    संस्कार यहां के इतने अच्छे,
    हिन्दी भाषा ही पहचान है।

    सुन्दर सुन्दर — – – – –

    मंदिर मस्जिद रौनक जिसकी,
    गुरुद्वारा का भी स्थान है।
    सिख्ख इसाई हिन्दु मुस्लिम,
    हर किसी का होता सम्मान है।

    सुन्दर सुन्दर सपने ——-

    सत्य अंहिसा का पाठ पढ़ाया
    कांटों में भी चलना सिखाया।
    उनके ही कदमों में झुकता
    अब भी पूरा हिन्दुस्तान है।

    सुन्दर सुन्दर — – – – – –

    हर दिन त्योहार यहां पर
    खुशियों की भरमार है ।
    होती पूजा भारत मां की
    जय जय जय हिन्दुस्तान है ।

    सुन्दर सुन्दर – – — —

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