काश। मैं टूटे दिलों को जोड़ पाता आँधियों की राह को मैं मोड़ पाता। पोंछ पाता अश्क जो दृग से बहे वक्त की जो मार बेबस हो सहे। चाहता ले लूँ जलन जो हैं जले […]

बेरोजगारी की जलन। नभ पर घटा घनघोर है तम भी बिछा हर ओर है, इन झुरमुटों को चीरकर आता न अब शीतल पवन। बेरोजगारी की जलन। शत-शत किताबें क्रय किया ले ऋण भी अगणित व्यय […]

त्रिविध ताप कर शमित हमारे भोले शंकर। राह कठिन, मंजिल भी धूमिल, पैरों में छाले, उजड़ा दिल। आज हमें दर्शन दे देखूँ तुझको जी भर। त्रिविध ताप कर शमित हमारे भोले शंकर। फैल रहा प्रतिपल […]